विसंगती सदा मिळो , टुकार विडंबन कानी पडो !!!! *****
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---------------निवेदन ---------------------------------------------------------
.....इथे सादर करण्यात आलेल लेखन/ कविता / विडम्बने / विचार प्रासंगिक असून याद्वारे कुठल्याही व्यक्ती, पक्ष, नेते , जात , धर्म, पंथ , राष्ट्र , संस्था , आदरस्थान यांची कुचेष्टा करण्याचे किंवा कुणाच्याही भावना दुखवण्याचे कुठलेही प्रयोजन नाही. या सर्व आरोळ्या या विरंगुळा या सदरात मोडतात, आणि केवळ मनोरंजन व थोडीशी खुशखुशीत टीका - टिप्पणी हा उद्देश आहे. रसिकांना इथल्या कलाकृती आवडतील अशी आशा व्यक्त करतो.--------------------------------------------------------------------------------------

......... आपला /
अमोल केळकर /
a.kelkar9@gmail.com

Friday, January 11, 2019

साहित्य संमेलन - यवतमाळ


नेहमीचा तो बहिष्कार !
संपुर्ण झाला सोपस्कार !
चर्चा, माफी, वाद फार !
इये साहित्यचीये  नगरी !!

📙🗞📒📚📙🗞

१८७८ - पुणे - न्या. रानडे
             ते
२०१९- यवतमाळ - अरूणा ढेरे
            मार्गे
कराड ( आणीबाणी)  - सांगली ( लवाजमा) - चिपळूण ( परशुराम, बाळासाहेब नगरी) , मुंबई ( साहित्यिक बैल) , ठाणे ( गोड से  वाद ), महाबळेश्वर ( अध्यक्षां शिवाय)

अशी प्रचंड परंपरा असणाऱ्या  "मराठी साहित्य" महोत्सवास हार्दीक शुभेच्छा 💐💐

📝११/१/१९
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