विसंगती सदा मिळो , टुकार विडंबन कानी पडो !!!! *****
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------निवेदन ---------------------------------------------------------
.....इथे सादर करण्यात आलेल लेखन/ कविता / विडम्बने / विचार प्रासंगिक असून याद्वारे कुठल्याही व्यक्ती, पक्ष, नेते , जात , धर्म, पंथ , राष्ट्र , संस्था , आदरस्थान यांची कुचेष्टा करण्याचे किंवा कुणाच्याही भावना दुखवण्याचे कुठलेही प्रयोजन नाही. या सर्व आरोळ्या या विरंगुळा या सदरात मोडतात, आणि केवळ मनोरंजन व थोडीशी खुशखुशीत टीका - टिप्पणी हा उद्देश आहे. रसिकांना इथल्या कलाकृती आवडतील अशी आशा व्यक्त करतो.--------------------------------------------------------------------------------------

......... आपला /
अमोल केळकर /
a.kelkar9@gmail.com

Saturday, August 3, 2019

तुषार ४/८/१९ ( मेगा ब्लाॅक)


तुषार ४/८/१९

Please Share it! :)

No comments:

Follow by Email

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...